कॉलेज अपनी सुविधा के लिए परीक्षार्थियों पर डाल रहे आर्थिक बोझ

दौसा. जिले के कुछ सरकारी कॉलेज प्रशासन की ओर से इन दिनों चल रही प्रथम सेमेस्टर परीक्षा के दौरान अपनी सुविधा के लिए निजी कॉलेज के परीक्षार्थियों से विकास शुल्क के नाम पर दो सो से तीन सौ रुपए का परीक्षार्थियों पर बोझ डाल रहे हैं। इससे परीक्षार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड रहा है। जबकि दौसा जिला मुख्यालय पर स्थित महिला व पीजी महाविद्यालय, सरकारी महाविद्यालय बांदीकुई, सरकारी महाविद्यालय सिकराय में निजी कॉलेज के परीक्षा देने आ रहे परीक्षार्थियों से प्रथम सेमेस्टर की चल रही परीक्षा के दौरान विकास शुल्क के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार सरकारी कॉलेजों में नियमित पढऩे वाले विद्यार्थियों से कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रवेश के दौरान विकास शुल्क लेकर कॉलेज में सालभर पढने के दौरान शुद्ध पेयजल, शौचालय, भवन आदि की सुविधा दी जाती है। अब नई कॉलेज शिक्षा नीति के तहत जिले में नियमित विद्यार्थियों की प्रथम सेमेस्टर परीक्षा चल रही है। परीक्षा में सरकारी कॉलेजों में निजी कॉलेज के परीक्षा देने आ रहे परीक्षार्थियों से जिले के कुछ सरकारी कॉलेज परीक्षार्थियों पर विकास शुल्क के नाम पर दो सौ से तीन सौ रुपए वसूल रहे हैं। इसमें राजकीय अम्बेडकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुवा में दो सौ रुपए व राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लालसोट कॉलेज में तीन सौ रुपए वसूले जा रहे हैं। इसके चलते लालसोट व महुवा में सरकारी कॉलेज प्रशासन द्वारा अपनी सुविधाओं के लिए परीक्षार्थियों पर बोझ डालकर उनके साथ छलावा करने के साथ ही आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

किस कॉलेज में कितने दे रहे परीक्षा

जिले में चल रही बीए, बीएसी, बीकॉम की प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में पं. नवलकिशोर शर्मा राजकीय महाविद्यालय दौसा में 3833 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे है। इसमें से निजी कॉलेज के 659 परीक्षार्थी हैं। इसी प्रकार सरकारी कॉलेज सिकराय में 431 परीक्षार्थियों में से 87 परीक्षार्थी निजी कॉलेज के हैं। सरकारी कॉलेज बांदीकुई में 13300 में से 300 परीक्षार्थी निजी कॉलेज,राजकीय अम्बेडकर स्नातकोत्तर परीक्षा महुवा में 750 में से करीब 500 परीक्षार्थी निजी कॉलेज व राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर परीक्षा लालसोट में करीब 971 में से करीब 600 परीक्षार्थी निजी कॉलेज के परीक्षा दे रहे हैं।

भ्रमित हो रहे परीक्षार्थी व अभिभावक

राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज लालसोट में परीक्षा देने के दौरान निजी कॉलेज में पढने वाले परीक्षार्थियों से विकास शुल्क लेने पर दी जाने वाली रसीद पर दो सौ रुपए प्रिन्ट हो रहे है, लेकिन तीन सौ रुपए वसूलने से परीक्षार्थी सहित उनके अभिभावक भ्रमित हो रहे हैं। इस मामले में कॉलेज प्रशासन से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि पुरानी रसीद बुक दो सौ की है। उसमें दो सौ को कटकर तीन सौ लिखा जा रहा है। हमारे हिसाब में तीन सौ रुपए लिखे जा रहे हैं।


परीक्षार्थी से विकास शुल्क लेना अनिवार्य के नहीं है आदेश

जिले में परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी विकास शुल्क लेने के आयुक्त कॉलेज शिक्षा के आदेश में भी कही भी यह नहीं लिखा है परीक्षा देने के दौरान परीक्षार्थी से विकास शुल्क लेना अनिवार्य है। आयुक्तालय के आदेश में यह लिखा है कि कॉलेज प्रशासन परीक्षार्थी विकास समिति शुल्क लिया जाना उचित समझे तो समिति द्वारा निर्धारित शुल्क लेने के लिए कॉलेज प्राचार्य स्वतंत्र है।

इनका कहना है

सरकारी कॉलेज में पढने वाले विद्यार्थियों से पहले ही विकास शुल्क ले लिया जाता है। निजी कॉलेज के परीक्षार्थियों से विकास समिति के निर्णयानुसार परीक्षा के दौरान विकास शुल्क लिया जा रहा है। इसे कॉलेज के विकास के लिए नियमानुसार खर्च किया जाता है।

डॉ. एलआर मीना
प्राचार्य राजकीय अम्बेडकर स्नातकोत्तर कॉलेज महुवा



source https://www.patrika.com/dausa-news/colleges-are-putting-financial-burden-on-candidates-for-their-convenie-8702526/

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