IAS नहीं डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं विद्यार्थी, सामने आया हैरान करने वाला आंकड़ा
दौसा. जिले के बेटे-बेटियों का रुझान डॉक्टर और इंजीनियर बनने की दिशा में ज्यादा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में आए आवेदनों से पता चलती है। योजना में दौसा जिले से परीक्षावार व वर्गवार कुल 708 अभ्यर्थियों की अस्थाई वरीयता सूची जारी हुई है। आवेदनों में सर्वाधिक विद्यार्थी ऐसे हैं जो मेडिकल व इंजीनियरिंग की कोचिंग करना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने युवाओं को नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इसमें कैटेगिरी व कोर्सवाइज आवेदन लेने के बाद प्रोविजनल सूची जारी की गई है। इस सूची में दौसा जिले के 708 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इन विद्यार्थियों की कोचिंग का पैसा सरकार देगी। सर्वाधिक चयनित विद्यार्थी इंजीनियरिंग व मेडिकल एंटरेंस एक्जाम के 295 हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विद्यार्थी को चयनित संस्था में जाकर रिपोर्टिंग करनी होगी और वहां उसकी फीस सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से दी जाएगी। यह फीस दो भागों में दी जाएगी। इसमें पहली किस्त के रूप में फीस 60 प्रतिशत राशि एडमिशन के समय व 40...