पहले कोरोना-अब बढ़ती महंगाई ने तोड़ी कमर

दौसा. दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन इन दिनों बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। पहले कोरोना से उद्योग धंधे चौपट होने से बेरोजगारी बढ़ गई। अब महंगाई बढऩे से रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। भाव आसमान छू जाने से सब्जी के स्वाद में भी कड़वाहट आने लगी है। जानकारी के अनुसार सितंबर माह में बारिश आने से सब्जी की फसल को काफी नुक़सान होने से आवक कम हो गई।
वहीं पेट्रोल-डीजल का भाव बढ़ जाने से परिवहन खर्चा भी काफी बढ़ गया है। इससे सब्जी के भावों में एक माह में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। ऐसें में इन दिनों सब्जी व फलों के भाव समान हो गए हैं। गरीब की थाली से तो सब्जी तक गायब होने लगी है।
लोगों को अब घर में एक समय ही सब्जी बनाकर काम चलाना पड़ रहा है, वहीं घरेलू गैस सिलेंडर का भाव भी एक वर्ष में करीब तीन सौ रुपए से अधिक बढ़ गया है।

ये हैं सब्जी के भाव
टमाटर 80 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। जबकि प्याज के भव 60 रुपए प्रति किलोग्राम है। इसके अलावा भिण्डी 50, लोकी 30, बैंगन 50, मिर्च 80, पालक 40, टिण्डे 60 एवं हरा धनिया 2 सौ रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। जबकि एक माह पहले टमाटर 30, प्याज 25, भिण्डी 30, लॉकी 15, बैंगन 40, मिर्च 40, पालक 25 एवं टिण्डे 40 रुपए किलोग्राम थे, लेकिन अब भाव बढ़ जाने से लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।

ये हैं फलों के भाव
इन दिनों अधिकांश फल एवं सब्जियों के भावों में ज्यादा अंतर नहीं है। फलों के भाव भी कुछ हद तक बढ़े हैं। इसमें केले 40, सेव 110, मौसमी 70, अनार 120 एवं पपीता 50 रुपए प्रति किलोग्राम हैं। जबकि नारियल 60 रुपए प्रति नग एवं कीवी फल 45 रुपए प्रति नग के हिसाब से बिक रहे हैं। जबकि एक माह पहले केले 30, सेव 80, अनार 80, पपीता 30 रुपए प्रति किलोग्राम थे। वहीं इन दिनों डेंगू व अन्य बीमारियां होने से कीवी एवं नारियल के भाव बढ़े हैं। पहले नारियल 40 रुपए प्रति नग एवं कीवी फल 30 रुपए प्रति नग था।

खाद्य तेल ने भी बिगाड़ा बजट
इन दिनों सरसों के तेल का भाव 185 से 190 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। जबकि रिफाइण्ड के भाव भी डेढ़ सौ रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि इतना महंगा सरसों का तेल कभी नहीं हुआ था। सरसों के तेल का भाव बढऩे के पीछे मुख्य कारण सरकार के सरसों को निर्यात किया जाना बताया जा रहा है। इसकी मार अब आमजन को झेलनी पड़ रही है। इन दिनों ज्यादा परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को झेलनी पड़ रही है। इससे सब्जी थाली से गायब होती दिखाई दे रहा है। बढ़ती महंगाई को देख कुछ लोगों ने तो घरों में अब चटनी भी बांटकर काम चला रहे हैं।



source https://www.patrika.com/dausa-news/first-corona-now-rising-inflation-broke-the-back-7138938/

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