नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की...
दौसा (बडिय़ाल कलां) . यहां स्थित पीपली वाले बालाजी के महंत हरिदास महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के दौरान नंदोत्सव मनाया गया। जहां भजनों पर श्रोता झूम उठे। कथा के दौरान भागवताचार्य पंडित राजेन्द्र शास्त्री ने कहा कि जब-जब भी पृथ्वी पर दुष्टों का अत्याचार बढ़ा है। तब-तब ईश्वर ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया हेै। उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति वन में ही नहीं, अपितु घर में भी की जा सकती हेै। उन्होंने कृष्ण जन्म,वासुदेव द्वारा कृष्ण को गोकुल पहुंचाना सहित अन्य लीलाओं का वर्णन किया। जहां नंदोत्सव के दौरान नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की, लल्ला की सुन के मैं आई यशोदा मैया देदे बधाई आदि भजन प्रस्तुत किए। जहां श्रोता भजनों पर झूम उठे। महिलाओं ने बधाई गाई। मंगल गीत गाए। भगवान कृष्ण के बाल रूप की सजीव झांकी सजाई गई। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़़ उमड़ गई।
नीलकंठ महादेव के 501 दीपकों से हुई महाआरती
दौसा. सावन मास की प्रदोष पर शुक्रवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिव मंदिरों में झांकियां सजाई। व्रत रखकर विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवगिरी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में सुबह 501 दीपकों से महाआरती की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा रहे। बिल्व पत्र चढ़ाकर जलाभिषेक किया गया। कई लोगों ने प्रसाद चढ़ाकर वितरित किया। दिनभर बादल छाए रहने से श्रद्धालुओं का देवगिरी पर तांता लगा रहा। इसी तरह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भी वार्षिक झांकी सजाकर आरती की गई। श्याम मंदिर स्थित गोपेश्वर महादेव का भी मनमोहक शृंगार किया गया।
गाजे-बाजे से रवाना हुई पदयात्रा
कालोता. ग्राम पंचायत कालीपहाडी मुख्यालय के खेड़ापति हनुमानजी मन्दिर से शुक्रवार को महंगी महादेव मंदिर के लिए छठी पदयात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई। श्रद्धालुओ ने खेड़ापति हनुमान मंदिर में झंडा पूजन किया। संत सोहनदास ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। इसमें श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयघोष करते आगे बढ़ रहे थे, वहीं महिलाएं नाचते गाते चल रही थी। ग्रामीणों ने जगह-जगह पदयात्रियों का स्वागत किया। रामखिलारी, जगदीश, लक्ष्मण, कैलाश, लालूराम, पूरण, दीपक, दिलराज, लल्लूराम मीना, रामफूल, मीठालाल, बाबूलाल, पप्पू मीना आदि मौजूद थे।
गोपालजी मंदिर में झूला महोत्सव शुरू
मंडावर. यहां गोपालजी के मंदिर में शुक्रवार से ठाकुरजी का झूलोत्सव प्रारम्भ हुआ। इस दौरान ठाकुरजी एवं राधारानी का शृंगार कर मंदिर परिसर में झुलाया गया। महंत गोवर्धनदास शर्मा ने बताया कि राधाकृष्ण जी के मंदिर परिसरों में ग्यारस से रक्षाबंधन तक प्रत्येक दिन नए वस्त्र व आभूषणों से राधाकृष्ण का शृंगार कर झांकिया सजाई जाती है। इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए झूला महोत्सव तीन दिन का ही रखा गया।
source https://www.patrika.com/dausa-news/nand-ke-anand-bhayo-jai-kanhaiyalal-ki-7021147/
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