पोषाहार वितरण में अनियमितता, महिलाओं ने जताया विरोध

दौसा/गीजगढ़. एक तरफ जहां सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं व बालकों को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनेक प्रकार की योजनाओं के द्वारा तरह-तरह के पोषाहार वितरण के लिए भेजे जाते हैं, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की अनदेखी व आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मनमानी के चलते पोषाहार वितरण में अनियमितता से परेशानी हो रही है। बार-बार विरोध-प्रदर्शन के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सिकराय उपखण्ड के बहरावण्डा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय पर लाभार्थियों को तीन माह से पोषाहार वितरण नही करने पर महिलाओं ने विरोध जताकर पोषाहार वितरण की मांग की। पिंकी सैनी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि गत तीन महीनों के गेहंू व चावल पोषाहार में प्रत्येक गर्भवती महिला व बालकों को एक माह का 1.5 किलो के हिसाब से 4 किलो 500 ग्राम वितरण करना चाहिए, लेकिन मनमर्जी के चलते एक दो दिन लाभार्थियों को ही पोषाहार वितरण कर बाद में पूरा पोषाहार समाप्त होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। तीन माह का पोषाहार नहीं मिलने को लेकर महिलाओं ने विरोध जताकर पूरा पोषाहार वितरण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर भी नही खुलता है। जिससे पोषाहार लेने आने वाली महिलाओं व बालको को भटकना पड़ता है।
एक माह में दो बार प्रदर्शन-
उल्लेखनीय है कि बहरावण्डा के आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम पर भी 8 जुलाई को महिलाओं व उपसरपंच पायलेट सैनी ने पोषाहार में अनियमितता की शिकायत की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों ने खानापूर्ति कर दी। लाभार्थियों को आज तक भी पोषाहार नहीं मिला है।
निरीक्षण कर करेंगे कार्रवाई
विभाग की सुपरवाइजर सीता गुर्जर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनियमितता की शिकायत मिली है। केन्द्र का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। लाभार्थियों को भी रिकॉर्ड में प्राप्त पोषाहार पर ही हस्ताक्षर करने चाहिए।



source https://www.patrika.com/dausa-news/irregularities-in-nutrition-distribution-women-protest-6980197/

Comments

Popular posts from this blog

दौसा जिले की सीमा पर चौकसी शुरू, पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा

दौसा. मोरेल बांध पर मिले 6 हजार 275 जलीय पक्षी

कोरोना से हुई मौतों की ऑडिट, तीसरी लहर से लडऩे की रखनी होगी तैयारी