प्रसूता की मौत जिला अस्पताल में हंगामा, मुख्यद्वार पर शव रख प्रदर्शन

दौसा. जिला अस्पताल में एक प्रसूता की प्रसव के दूसरे दिन शनिवार सुबह साढ़े दस बजे तबीयत बिगडऩे से मौत होने के बाद परिजनों ने चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा कर अस्पताल के मुख्यद्वार पर कार में शव रख कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के सामने ही महिला के जेठ ने पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। कोतवाली थाना पुलिस परिजनों को समझाकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में ले गई और पेट्रोल उड़ेलने वाले सहित चार-पांच जनों को कोतवाली थाने में ले गई। बाद में इनको पाबंद कर छोड़ दिया।


दौसा की पुरानी सब्जी मण्डी निवासी प्रसूता के पति रितिक साहू ने बताया कि उसकी पत्नी मालती (हेमा) को 10 जून रात 11 बजे पहले प्रसव के लिए जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र में भर्ती कराया गया। प्रसूता ने 11 जून सुबह 9.26 बजे पुत्र को जन्म दिया। जच्चा व बच्चा स्वस्थ था। शनिवार सुबह 10 बजे अचानक मालती को खून को उल्टी हुई। वे तुरंत चिकित्सक एवं कार्मिकों के पास दौड़े कि उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन वहां किसी ने नहीं सुनी। करीब डेढ़ घंटे तक वे चिकित्साकर्मियों के पास चक्कर काटते रहे, इधर मालती तड़पती रही और उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद वे एक बार तो शव को एम्बुलेंस में बिना पोस्टमार्टम कराए ही घर ले गए, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम के लिए वापस शव को जिला अस्पताल ले आए।


पुलिस ने बताया कि परिजनों ने जिस कार में शव था, उसको जिला अस्पताल के मुख्यद्वार पर खड़ा कर दिया और वहां पर प्रदर्शन करने लग गए। रोड जाम का भी प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह मय पुलिस जाप्ते अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। थाना प्रभारी व पुलिसकर्मी लोगों के साथ समझाइश कर ही रहे थे कि अचानक भीड़ में खड़े महिला के जेठ ने बोतल में से पेट्रोल स्वयं के ऊपर उड़ेल लिया।

पास खड़े कुछ लोगों सहित पुलिसकर्मियों के भी पेट्रोल के छींटे लग गए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने सख्ती बरतकर पेट्रोल उड़लने वाले व चार-पांच अन्य लोगों को कोतवाली थाने ले गई। बाद में उनको पाबंद कर छोड़ दिया गया। पार्षद सन्नी खान की मौजूदगी में महिला के पति ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना मीना एवं चिकित्साकर्मियों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाने रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


डिलेवरी के वक्त पांच-पांच सौ रुपए लेने का आरोप

महिला के ससुर ने जिला अस्पताल में उसकी पुत्रवधु की डिलेवरी के वक्त तीन चिकित्साकर्मियों के खिलाफ इनाम में पांच-पांच सौ रुपए लेने का आरोप लगाया है। महिला के ससुर ने बताया कि चिकित्साकर्मियों ने उनकी पुत्रवधु के पुत्र होने की बात कहकर इनाम के पांच-पांच सौ रुपए ले लिए।


इनका कहना है...
महिला का 11 जून को सामान्य प्रसव हो गया था। जच्चा व बच्चा ठीक था। शनिवार सुबह अचानक खून की उल्टी हुई और उसकी मौत हो गई। महिला को टीबी की बीमारी थी। दो वर्ष से इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह भी डॉ. मंजू मीना उसको देख कर आई थी। अचानक खून की उल्टी होने से उसकी मौत हो गई। फिर भी उसका पोस्टमार्टम करा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल जाएगा।

प्रसूता की मौत जिला अस्पताल में हंगामा, मुख्यद्वार पर शव रख प्रदर्शन

source https://www.patrika.com/dausa-news/productivity-in-the-body-the-presence-of-the-body-at-the-entrance-6892479/

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