मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

मानपुर (दौसा). मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसूनी बारिश के देर से आने को देखते हुए खरीफ सीजन की बुवाई में विलंब होना तय माना जा रहा है। मानसून अपने निर्धारित समय से देरी से चल रहा है। आसमान पर भले ही बादलों की आवाजाही बनी रहती हो पर, लेकिन बरसात के निकलने वाले इन बादलों ने खरीफ की फसल पर संकट के बादल जरूर मंडरा दिए हैं। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं। क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण खेतों में की गई बुवाई भी सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि दो-तीन दिन के भीतर बारिश नहीं हुई तो सैकड़ों किसानों की हजारों हैक्टेयर में बोई गई खरीफ की फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी।

इस बार जून माह की शुरूआत में ही बारिश होने से किसानों में उम्मीद जगी थी कि अबकी बार उनकी खरीफ की फसल ठीक होगी। जिस पर किसानों ने खाद बीज का इंतजाम कर खेतों की जुताई व बुवाई भी कर दी थी, लेकिन आगे मानसून कमजोर होने और तापमान में कोई खास कमी न आने से बोई गई फसल भी खराब होने लगी है. किसान रामसिंह का कहना है कि खरीफ फसल की बुवाई में खाद, बीज मिलाकर करीब 40 से 50 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। शुरुआत में बारिश देख बुवाई भी जल्द कर दी थी। आगे एकदम सूखा पड़ जाएगा। इस नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी। किसान रामखिलाड़ी के मुताबिक खेतों में बुवाई की थी, लेकिन बारिश न होने से मेहनत व लागत सब व्यर्थ गई। अभी भी बारिश का इंतजार है, यदि हो गई तो फसल सूखने से बच जाएगी, वरना भगवान ही मालिक है। अगली फसल करने की भी हिम्मत नहीं बचेगी।


मानसून का बेसब्री से इंतजार
क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत किसान बारिश पर निर्भर हैं। इस कारण बारिश में देरी होने से खेती के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। पिछले साल खरीफ सीजन में इस समय तक बुवाई लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन इस बार मौसम की बेरूखी के चलते अभी तक खेतों की जुताई का काम भी पूरा नहीं हो सका है। हालांकि जून महीने में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और बौछारें जरूर पड़ी, लेकिन इसके बाद से बारिश नहीं हुई। इसके चलते क्षेत्र में कृषि का काम प्रभावित हो गया है। किसान भी मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


प्री मानसून की बरसात में कर दी बुवाई
सिकराय ब्लॉक में करीब 20 हजार हैक्टेयर भूमि पर खरीफ फसल की बुवाई हो चुकी है. प्री मानसून की बरसात में किसानों ने अगेती बुवाई कर दी। मानसूनी बरसात में देरी होने के चलते फसल सूखने लगी है। मानसून जुलाई माह में सक्रिय होता है। खरीफ की फसल की बुवाई भी जुलाई व अगस्त माह में होती है।

अशोक कुमार मीणा
सहायक कृषि अधिकारी सिकराय

फोटो कैप्सन- एमएन0107सीए मानपुर- मानसूनी बरसात नहीं होने से सूखने लगी खरीफ की फसल को निहारता के किसान।



source https://www.patrika.com/dausa-news/the-indifference-of-the-weather-increased-the-concern-of-the-farmers-6923577/

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