बेचते थे गुब्बारे, राहगीरों से छीन ले जाते थे मोबाइल, तीन गिरफ्त मेें, पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा
दौसा . कोतवाली थाना पुलिस एवं साइबर सैल ने मंगलवार को संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए राहगीरों से मोबाइल छीन कर फरार होने वाले एक गिरोह के तीन आरोपियों को पकडऩे में कामयाबी हासिल की है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपी राजस्थान सहित कई प्रदेशों में गुब्बारे बेचने का काम करते हैं जो मौका देखकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिनको तीन दिन के पुलिस रिमाण्ड पर सौंप दिया है। कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह ने बताया कि 15 दिसम्बर 2020 को रामगढ़ पचवारा थाना इलाके के सुल्तानपुरा निवासी मनराज मीना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांधी तिराहे से पीछे बाइक पर आए दो जने उसके हाथ से मोबाइल छीन कर फरार हो गए। इसी प्रकार 26 दिसम्बर को सैंथल रोड निवासी शिवाजी नगर निवासी राकेश मीना ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो जनें उसके भतीजे का मोबाइल छीन कर फरार हो गए।
भाण्डारेज के भगलाई निवासी पृथ्वीराज गुर्जर ने भी 5 फरवरी 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पायलट स्टेडियम से उसका मोबाइल चोरी हो गया। 10 फरवरी को सत्कार कॉलोनी निवासी रविकुमार वर्मा ने रिपोर्ट कराई कि उसका मोबाइल चोरी हो गया। आरोपियों ने उड़ीसा में भी वारदात करना स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि चालाना बालाजी निवासी विक्रम बावरिया व रामफूल तथा अलवर के रैणी निवासी बिसराम बावरिया को राहगीरों से मोबाइल लूट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों ने ये वारदातें स्वीकारी
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने एक मोबाइल आगरा रोड से राहगीर से छीनना बताया है। इसी प्रकार एक जिम, मोड़ा पट्टी मोड़, राजेश पायलट स्टेडियम, डोरिया फॉर्म हाउस, रायाला उड़ीसा, सैंथल पुलिया, आगरा रोड, सैंथल मोड़ से चुराना स्वीकार किया है। आरोपियों से अन्य मोबाइलों की लूट के बारे में भी पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम में एसआई महावीर प्रसाद, एएसआई मिश्रीलाल, एएसआई रामकरण, कांस्टेबल अजयसिंह, महेश मधुकर, नागपाल, हेमराज, प्यारेलाल, मीठालाल व लक्ष्मीनारायण आदि थे।
दो-तीन महीने बंद रखते थे मोबाइल
कोतवाली थाने के एसआई महावीर प्रसाद ने बताया कि आरोपी गुब्बारे बेचते हुए वारदातों को अंजाम देते थे। साथ ही चोरियों के स्थानों की रैकी भी करते हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइलों को चोरी कर या छीनकर ले जाते थे और उनको दो-तीन महीने बंद रखते थे, ताकि पुलिस लोकेशन या कॉल डिटेल निकाले तो पकड़े नहीं जाए। इसके बाद में चालू कर लोगों को सस्ते दामों में अच्छे मोबाइल बेच देते थे।

source https://www.patrika.com/dausa-news/used-to-sell-balloons-mobiles-were-snatched-from-passers-by-three-ar-6922355/
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