चरागाह भूमि में लगाई प्रतिमाओं को हटाने पहुंचा प्रशासन
लालसोट(दौसा). लालसोट शहर से सटी इंदावा ग्राम पंचायत के गांव श्योनंदा में गुरुवार को प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा। यहां 26 जनवरी को चरागाह भूमि पर अज्ञात जनों द्वारा एक समाज के संगठन का बोर्ड लगाते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले व सावित्री बाई फुले की प्रतिमाओं को स्थापित कर दिया। इस बारे में उपखण्ड प्रशासन को बुधवार को ही सूचना मिलने के करीब चौबीस घंटे बाद गुरुवार दोपहर को प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मौके पर पांच थानों का पुलिस जाप्ता, आरएसी के जवानों की टुकड़ी व प्रशासनिक और राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का लवाजमा पहुंचने व किसी भी तरह का विरोध नहीं हुआ। प्रशासन ने इस चरागाह भूमि पर की गई तारबंदी व वहां लगाए एक बोर्ड को जेसीबी से हटाने की कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार 26 जनवरी की रात्रि को अज्ञात जनों ने चरागाह भूमि पर महात्मा ज्योतिबा फुले सेवा समिति का बोर्ड लगाते हुए महात्मा ज्योतिबा फूले व सावित्री बाई फुले की प्रतिमाओं को स्थापित कर दिया।
बुधवार को स्थानीय ग्राम पंचायत व हल्का पटवारी को सूचना मिलने के बाद उन्होंंने इस बारे में उपखण्ड प्रशासन व पंचायत समिति प्रशासन को जानकारी दी। उसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंंच कर घटना का जायजा लेने नहीं पहुंचे। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे मौके पर नायब तहसीलदार सीमा घुणावत थाने के जाप्ते के साथ पहुंची।
इस दौरान मौके पर कोई नही मिला, जिसके बाद वे लौट गई। बाद में शाम करीब चार बजे लालसोट, मंडावरी, रामगढ़ पचवारा, लवाण व नांगल राजावता थाना का जाप्ता भी मौके पर जा पहुंचा।
कुछ देर बाद मौके पर लालसोट उपखण्ड अधिकारी गोपाल जांगिड, पुलिस उपाधीक्षक शंकरलाल मीना व लालसोट थाना प्रभारी राजवीर सिंह राठौड़ राजस्वकर्मियों के साथ जा पहुंचे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल व अधिकारियों के पहुंचने से ग्रामीणों की भीड़ भी जुटना शुरू हो गई।
पदाधिकारियों ने जताई अनभिज्ञता
मौके पर पहुंचे एसडीएम ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद दूर खड़े सैनी समाज के संगठन ज्योतिबा फूले सेवा समिति के अध्यक्ष राजाराम सैनी से प्रतिमाओं को लगाने के बारे में पूछा तो उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता प्रकट की। समिति के अध्यक्ष, पार्षद जेपी सैनी, शिवराम सैनी समेत कई जनों ने बताया कि उक्त चरागाह भूमि को ज्योतिबा फुले सेवा समिति को आवंटन की प्रक्रिया 2011 से राजस्व विभाग में विचाराधीन भी है। इस दौरान उन्होंने पास ही मौजूद अन्य चरागाह भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की।

source https://www.patrika.com/dausa-news/administration-reached-to-remove-statues-planted-in-pasture-land-6656815/
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